What's your social media policy, Sisodia asks Modi

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार से RTI अर्ज़ी के माध्यम से जानना चाहा है कि  सरकार की सोशल मीडिया में विज्ञापन देने के बारे में क्या नीति है. केजरीवाल और उनके साथियों का मानना है कि केंद्र सरकार उनके साथ दोहरे मानदंड अपनाती है: जब प्रधानमंत्री सोशल मीडिया में अपनी बात कहते हैं तो वह देशप्रेम हो जाता है और जब दिल्ली सरकार 'Talk to AK' app बनाने के लिए ठेका  देती है तो वह भ्रष्टाचार मान लिया जाता है.
Hindi blogging tips
सिसोदिया की RTI अर्ज़ी औरउनकी इस बारे में पत्रकार वार्ता पूरी तरह राजनीतिक है. लेकिन हमने भी केंद्र सरकार को कई बार लिखा है कि वह छोटे अखबारों की तरह ब्लॉगों को भी विज्ञापन दे, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है और न होने का चांस है जबतक मोदी जी को इसमें देश के साथ-साथ अपने भी प्रचार का हित नज़र आने लगे.

यहां पर हम अपने उस ब्लॉग पोस्ट का लिंक दे रहे हैं जहां पर हमने यह बताने की कोशिश की है कि किस तरह ब्लॉग अखबारों से अधिक प्रभावी हैं सरकारों के प्रचार तथा विकास/ समाज से जुड़े संदेशों को लोगों तक पहुंचाने के लिए: Why Should Governments Support Blogs 
सभी हिंदी ब्लॉगर मित्रों को अच्छा लगेगा अगर दिल्ली सरकार इस मामले में सोचे. सिसोदिया जी, आप सुन रहे हैं?

 अगर आपको इस बात में दम लगता हो तो इस मुहिम को आगे बढ़ाने का कष्ट करें.

No comments:

Post a Comment